पीथमपुर (धार)। थाना सेक्टर-01 पीथमपुर पुलिस ने पावर हाउस चौराहे पर हुई जघन्य हत्या के मामले में त्वरित एवं तकनीकी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। प्रकरण में एक विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार कोयता जब्त कर लिया है।
घटनाक्रम: सड़क पर मिला था रक्तरंजित शव
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 जनवरी 2026 को थाना सेक्टर-01 पीथमपुर को सूचना मिली कि पावर हाउस चौराहा स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने सड़क पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है, जिसके सिर पर गंभीर चोट है और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा, जहां एक अज्ञात व्यक्ति उल्टी अवस्था में मृत पाया गया।
प्रारंभिक जांच के आधार पर मर्ग क्रमांक 9/26 कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतक की पहचान शंकर पिता लालू सोलंकी (42 वर्ष), जाति सिर्वी, निवासी जाजमखेड़ी, थाना मनावर, जिला धार, हाल मुकाम पावर हाउस चौराहा, पीथमपुर के रूप में हुई।
मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर एवं पैर में आई गंभीर चोटों को मृत्यु का कारण बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर-01 पीथमपुर में अपराध क्रमांक 40/26, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित हुई विशेष टीम
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल वेलापुरकर तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री रवि सोनेर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक ओ.पी. अहिर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों से हुआ खुलासा
विवेचना के दौरान घटनास्थल से प्राप्त भौतिक साक्ष्य, आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से संदेहियों की पहचान की गई। जांच में आरोपी धनंजय उर्फ धनिया पिता सतीश शिरफुले (22 वर्ष), जाति मराठा, निवासी ग्राम कारेगांव, गोविंद नगर, जिला पुणे (महाराष्ट्र) तथा एक विधि-विरुद्ध बालक की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार कोयता बरामद कर विधिवत जप्ती की कार्रवाई की गई।
शराब के दौरान हुआ विवाद, गुस्से में की हत्या
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना के समय वे मृतक शंकर सोलंकी के साथ बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान मृतक नशे की हालत में आरोपी धनंजय पर गिर पड़ा, जिससे पास रखी शराब गिर गई। इसी बात को लेकर कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी धनंजय उर्फ धनिया और उसके साथियों ने मिलकर धारदार कोयता से मृतक के सिर और पैर पर गंभीर वार किए। गंभीर चोट लगने से शंकर सोलंकी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामले में विधि-विरुद्ध बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
मुख्य आरोपी धनंजय उर्फ धनिया के विरुद्ध पूर्व में भी राजगांव पुलिस स्टेशन, जिला पुणे (महाराष्ट्र) में तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं—
1. अपराध क्रमांक 325/24 धारा 324, 323 भादवि
2. अपराध क्रमांक 347/24 धारा 363, 324, 144, 148, 149, 336, 427 भादवि एवं 135, 37 संशोधन अधिनियम
3. अपराध क्रमांक 344/24 धारा 324 भादवि
पुलिस टीम को मिला प्रोत्साहन
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक ओ.पी. अहिर, उपनिरीक्षक चांदनी सिंगार, उपनिरीक्षक सोहन सिंह कायत, सहायक उपनिरीक्षक के.के. परिहार, प्रधान आरक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक प्रदीप पाटील, प्रधान आरक्षक अनिल, आरक्षक विक्की कुशवाह सहित सायबर सेल के क्राइम प्रभारी उपनिरीक्षक प्रशांत गुंजाल, प्रधान आरक्षक सर्वेश सोलंकी, आरक्षक प्रशांत चौहान एवं आरक्षक शुभम शर्मा की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरी टीम की सराहना करते हुए पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है तथा प्रकरण की विवेचना जारी है।