ग्राम निगरनी में जननायक टंट्या मामा भील के 136वें : बलिदान दिवस पर प्रतिमा स्थापना
admin
Fri, Dec 5, 2025
मनावर। जनजातीय समाज के महानायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अमर क्रांतिकारी टंट्या मामा भील के 136वें बलिदान दिवस पर मंगलवार को मनावर के समीप ग्राम निगरनी में उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना कर श्रद्धांजलि सभा एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम के मुख्य चौराहे पर स्थापित की गई इस प्रतिमा का अनावरण ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत किया गया।

जयस संगठन के तहसील संरक्षक सुनील इस्के ने बताया कि आजादी की लड़ाई में फांसी के फंदे पर झूलकर मातृभूमि के लिए बलिदान देने वाले टंट्या मामा भील के योगदान को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि “अंग्रेजों से देश को आजाद कराने में जनजातीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे पावन दिवस पर हम सब टंट्या मामा के अमर बलिदान को नमन करते हैं।”
जयस तहसील अध्यक्ष कैलाश राणा ने संबोधित करते हुए कहा कि “टंट्या मामा ने ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर संघर्ष किया। गुरिल्ला युद्धकला में दक्ष टंट्या मामा गरीबों की सहायता के लिए जाने जाते थे। वे अमीरों से अतिरिक्त धन लेकर जरूरतमंदों की मदद करते थे, इसी कारण उन्हें ‘इंडियन रॉबिनहुड’ के नाम से भी जाना जाता है।”
टंट्या मामा का जन्म 26 जनवरी 1842 को पंधाना ब्लॉक के ग्राम बड़ोदा अहीर (जिला खंडवा) में हुआ था। ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों का विरोध करने पर 4 दिसंबर 1889 को उन्हें गिरफ्तार कर जबलपुर में फांसी दे दी गई थी। उनकी समाधि पातालपानी में स्थित है, जो आज भी जनजातीय समाज और राष्ट्रीय चेतना के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, जयस संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूरे आयोजन में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन का पालन किया गया।
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Jitendra Chauhan
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