देपालपुर कन्या स्कूल प्रेम प्रसंग मामला : शिक्षक-शिक्षिका के बयान दर्ज, डीईओ को भेजी जाएगी रिपोर्ट
Laxman Singh Yadav
Fri, Mar 6, 2026
देपालपुर। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देपालपुर में लगभग छह माह पूर्व उजागर हुए कथित प्रेम प्रसंग के मामले की जांच लंबे समय से टलती चली आ रही थी। शुक्रवार को आखिरकार जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी और जांच दल के सदस्य विद्यालय पहुंचे। यहां बंद कमरे में कथित रूप से मामले में लिप्त शिक्षक-शिक्षिका के कथन दर्ज किए गए, जिन्हें बंद लिफाफे में जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा जाएगा।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को बनेडिया हाईस्कूल की प्रिंसिपल डॉ. संगीता विनायका जैन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी माधवसिंह बामनिया शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देपालपुर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने विद्यालय में पहुंचकर संबंधित शिक्षक और शिक्षिका के बयान लिए। पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से बंद कमरे में की गई। प्राप्त कथनों को सीलबंद लिफाफे में तैयार कर इंदौर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. शांतस्वामी भार्गव को भेजा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।
जांच दल में शामिल बनेडिया हाईस्कूल की प्रिंसिपल डॉ. संगीता विनायका जैन ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि वे जांच दल की तीसरे क्रम की सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब जांच के लिए आदेश प्राप्त हुए, तब-तब उन्होंने जांच दल की प्रथम सदस्य सपना भदौरिया को सूचित किया कि जब भी जांच के लिए जाना हो तो उन्हें अवगत करा दिया जाए।
डॉ. जैन के अनुसार सपना भदौरिया ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से सूचित कर दिया था कि वे इस जांच को करना नहीं चाहतीं। इसके चलते कई महीनों तक यह मामला लंबित बना रहा और जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
उल्लेखनीय है कि विद्यालय में सामने आए इस प्रेम प्रसंग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रिंसिपल सपना भदौरिया पर आरोप लगते रहे हैं कि वे कई महीनों से इस मामले में लिप्त शिक्षक-शिक्षिका को बचाने का प्रयास कर रही थीं, जिसके कारण जांच प्रक्रिया बार-बार टलती रही।
हालांकि अंततः जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. शांतस्वामी भार्गव के समक्ष यह स्थिति अधिक समय तक नहीं चल सकी और जांच को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद शुक्रवार को जांच दल के सदस्यों ने देपालपुर पहुंचकर संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए।
अब सभी कथनों को सीलबंद लिफाफे में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा। इसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी। मामले को लेकर शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।
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