खेत बना ज्ञान का विश्वविद्यालय! : शाहपुरा में एक दिन में बदली किसानों की खेती की सोच
admin
Thu, Dec 18, 2025
बनेडिया । खेती अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक का समन्वय बनती जा रही है। इसी सोच को ज़मीन पर उतारते हुए उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित योजना के अंतर्गत शाहपुरा में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं सह-भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिले के उन्नत कृषक लाखनसिंह सीताराम जी गेहलोत के खेत पर आयोजित हुआ, जहां खेत ही प्रशिक्षण का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष भारतसिंह पटेल रहे। उनके साथ जनपद सदस्य अर्जुनसिंह सोलंकी एवं कल्याण सिंह पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी वासुदेव गेहलोत ने की।
विशेष अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत शाहपुरा के सरपंच अमित पटेल, नान्द्रा के सरपंच बहादुर सिंह पटेल, गुडर के सरपंच अनिल खेर सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे।
कार्यक्रम में आसपास के 20 से अधिक गांवों के 200 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर प्रशिक्षण का लाभ लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डी. के. मिश्रा ने किसानों को प्याज, लहसुन एवं आलू की फसल में बीज रोपाई से लेकर भंडारण तक की संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने यह भी विस्तार से समझाया कि किस चरण में कौन-सा उर्वरक देना चाहिए और किस समय कौन-सी दवा का छिड़काव लाभकारी रहता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी राधेश्याम ट्रेलर ने मिट्टी परीक्षण के महत्व पर जोर देते हुए समय-समय पर कीट नियंत्रण के प्रभावी उपाय बताए।
वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी चन्द्रसिंह मंडलोई ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी किसानों को दी, वहीं सहयोगी उद्यान विकास अधिकारी प्रविण गंधारे ने फसल रखरखाव और उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि आकाशवाणी इंदौर से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख राजेश जी, रेडियो कार्यक्रम अधिकारी अशिम केथवास, राहुल पंवार एवं वरिष्ठ उद्घोषक उदित तिवारी ने वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों और किसानों के साथ सीधा संवाद कर खेती से जुड़े अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भारतसिंह पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का सही उपयोग कर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक राजेन्द्र सिंह दरबार, हंसराज नागर, राजेश जाधव, मनीराम नकुम, कैलाश पवार, कमल सेठ, भगवानसिंह सिसोदिया, जैविक कृषक श्रीराम सगडोद, कमलसिंह सोलंकी सहित अनेक किसानों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में एपीओ देपालपुर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर सोमाराम पंवार, कंपनी मैनेजर श्रवण कुमार चौहान एवं शिवराज सिंह राजपूत ने एफपीओ द्वारा संचालित गतिविधियों और किसानों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर अभिनन्दन गेहलोत एवं अंकित गेहलोत ने उपस्थित सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।
एक दिन के इस प्रशिक्षण ने किसानों को यह संदेश दे दिया कि जानकारी ही आज की सबसे बड़ी फसल है।
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प्रकाश वर्मा
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