पिताश्री की स्मृति में मुकाती परिवार का प्रेरक योगदान : रुक्मिणी श्रीकृष्ण गौशाला, अमझेरा को उच्च किस्म का गिर नस्ल का हाईब्रिड नंदी दान
Jitendra Chouhan Reporter
Sat, Dec 6, 2025
अमझेरा। संवाददाता।
राजपुरा क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक एवं लोकहितैषी व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय नंदाजी मुकाती ‘सेप्टा’ के श्राद्ध भोज अवसर पर उनके पुत्र रमेशजी मुकाती ने अपने दिवंगत पिता की स्मृति में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने रुक्मिणी श्रीकृष्ण गौशाला, अमझेरा को गौवंश की नस्ल सुधार हेतु उच्च किस्म का गिर नस्ल का हाईब्रिड नंदी दान स्वरूप भेंट किया।
स्वर्गीय मुकाती जी का जीवन गौसेवा और समाज upliftment को समर्पित रहा। वे अमझेरा आगमन पर नियमित रूप से गौशाला पहुंचते थे और देशी गौवंश संरक्षण को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। गौशाला समिति को उनका सतत मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा। वे राजपुरा सहित आसपास के ग्रामीणों को भी भूसा–चारा और गौग्रास के सहयोग के लिए प्रेरित करते रहे।
एक प्रसंग विशेष रूप से उल्लेखनीय है—
जब वे बाबूलालजी सरपंच के साथ गौशाला पहुंचे और देखा कि भूसे का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है, तो दोनों ने बिना देर किए अपने खेतों से हरी फसल कटवाकर दो ट्राली चारा गौशाला पहुँचाया। साथ ही भूसा विक्रेताओं से समन्वय कर गौशाला में तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
उनकी मान्यता थी— “गौमाता की सेवा से बढ़कर कोई पूजा नहीं।”
आज उनके न रहने पर अमझेरा गौशाला में उनकी रिक्तता स्पष्ट महसूस की जाती है।
इसी परंपरा और संस्कार को आगे बढ़ाते हुए रमेश भाई मुकाती ने वह नंदी दान कर दिया जिसकी कीमत कई पशुपालकों ने ₹60,000 से ₹75,000 तक आँकी थी।
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शास्त्रों में गौसेवकों का महत्व
समाचार के सन्दर्भ में शास्त्रों की यह पंक्ति प्रासंगिक है—
“कुलं पवित्रं जननी कृतार्था… यस्य चेतः गौसेवायाम्।”
अर्थात—
“गौसेवा में रत व्यक्ति अपने कुल को पवित्र करता है, उसकी माता धन्य होती है और ऐसे गौभक्तों से पृथ्वी भी स्वयं को सौभाग्यशाली मानती है।”
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गौशाला समिति की कृतज्ञता
गौशाला समिति ने रमेशजी मुकाती के इस उच्च कोटि के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि—
“मुकाती बा और बाबूलाल सरपंच द्वारा दी गई प्रेरणा के कारण आज भी राजपुरा से अमझेरा गौशाला को निरंतर सहयोग मिलता है—चाहे वह गौग्रास के रूप में रोजाना आने वाली रोटियाँ हों या फसल के भूसा–चारे का योगदान। कई कृषक स्वयं ट्रैक्टर लेकर गौशाला पहुँचते हैं।”
गौशाला समिति ने दोनों दिवंगत महानुभावों के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और रमेश भाई को हृदय से धन्यवाद कहा।
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