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विश्वनाथ समाचार 15/09/2026

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ई-अटेन्डेंस नहीं तो वेतन नहीं… : जिला पंचायत सीईओ की दो टूक चेतावनी

इंदौर। “हमारे शिक्षक” एप पर ई-अटेन्डेंस दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। यह साफ और सख्त संदेश मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित समग्र शिक्षा अभियान (कक्षा 1 से 8) की समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन ने दिया।

सीईओ श्री जैन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला परियोजना समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयक, विकासखंड स्रोत समन्वयक, विकासखंड अकादमिक समन्वयक, जनशिक्षक, उपयंत्री, लेखापाल एवं एमआईएस को-ऑर्डिनेटर मौजूद रहे। बैठक में समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई और सभी संबंधित पोर्टलों पर समय-सीमा में प्रविष्टि तथा भौतिक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग एप के माध्यम से सर्वे कराया गया। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों का स्पॉट एडमिशन कराया गया है। सीईओ ने निर्देश दिए कि सभी स्पॉट एडमिशन वाले बच्चों को आगामी दो दिवस में एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अनिवार्य रूप से मैप किया जाए।

जिला एवं विकासखंड स्तरीय अमले को सतत मॉनिटरिंग के दौरान शालाओं में अकादमिक स्तर और आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में संचालित एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) गतिविधियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।

बैठक का सबसे अहम और सख्त संदेश तब सामने आया, जब सीईओ श्री जैन ने इंदौर जिले में शिक्षा विभाग के शिक्षकों की “हमारे शिक्षक” एप पर दर्ज उपस्थिति बेहद कम होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब किसी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं है, तो ई-अटेन्डेंस दर्ज न होना लापरवाही मानी जाएगी।

उन्होंने शिक्षा विभाग के सभी लोक सेवकों को “हमारे शिक्षक” एप पर अनिवार्य रूप से ई-अटेन्डेंस दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी एवं समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को आदेशित किया कि “हमारे शिक्षक” एप पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही शिक्षकों का वेतन आहरित किया जाए।

सीईओ के इस फैसले के बाद शिक्षा महकमे में हलचल मच गई है। अब यह साफ हो गया है कि इंदौर में एक क्लिक की चूक भी सीधे वेतन पर भारी पड़ सकती है।

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Jila Panchayat CEO Indore

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