Sat 03 Oct 2026

ब्रेकिंग

विश्वनाथ समाचार 15/09/2026

सांवरिया सेठ बने स्विट्ज़रलैंड की भक्त के भाई

बच्चे के अपहरण से लेकर पांच ब्लाइंड मर्डर सुलझाने तक कई चुनौतीपूर्ण मामलों में निभाई अहम भूमिका

सीसीटीवी निगरानी से लेकर सौर ऊर्जा तक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, पंचायत स्तर पर स्मार्ट सिस्टम विकसित करने की पहल

महिदपुर से कावड़ लेकर पहुंची 106 वर्षीय महिला, महाकाल मंदिर में हुए सुगम दर्शन

सरकारी आदेश हवा में! : लोक सेवा केंद्र देपालपुर 12:30 बजे तक ठप — प्रशासन के छापे में चार कर्मचारी गायब

Ajay Jain Reporter

Wed, Dec 17, 2025

देपालपुर। शासन द्वारा आम नागरिकों की सुविधा के लिए संचालित लोक सेवा केंद्र देपालपुर में बुधवार को व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि दोपहर 12:30 बजे तक एक भी ऑपरेटर अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं था, जबकि केंद्र का संचालन सुबह 10 बजे से अनिवार्य रूप से होना चाहिए। जब किसानों और ग्रामीणों ने हकीकत को उजागर करते हुए लोकेशन, दिनांक व समय सहित फोटो प्रमाण अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पंवार एवं देपालपुर एसडीएम श्री राकेश मोहन त्रिपाठी को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया।

प्रशासनिक छापा, पंचनामा बना — पर सवाल कायम

शिकायत के बाद तहसीलदार श्री धर्मेंद्र चौकसे नायब नाजिर श्री राहुल राठौर के साथ मौके पर पहुंचे और नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया। पंचनामे ने शासन की पोल खोल दी। दस्तावेजों के अनुसार, कार्यालयीन समय में पांच कर्मचारियों की अनिवार्य तैनाती होनी थी, लेकिन मौके पर सिर्फ एक कर्मचारी — दुर्गेश बाथम उपस्थित पाया गया। शेष चार कर्मचारी रहस्यमय तरीके से नदारद थे।

बिना छुट्टी, बिना सूचना — नियमों की खुली अवहेलना

जांच में सामने आया कि दो कर्मचारी बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित थे, जबकि दो कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से बाहर थे। सवाल यह उठता है कि जब जनता लाइन में खड़ी थी, तब लोक सेवा केंद्र आखिर किसके भरोसे छोड़ा गया था?

ठेकेदार की जिम्मेदारी पर चुप्पी क्यों?

लोक सेवा केंद्र का संचालन ठेकेदार अमन भार्गव के अधीन है। कर्मचारियों की अनुपस्थिति, सेवा ठप होने और पूर्व में उठी वेतन भुगतान से जुड़ी शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या ठेकेदार को शासन की शर्तों से ऊपर मान लिया गया है?

नोटशीट आगे बढ़ी, पर क्या कार्रवाई होगी?

तहसीलदार द्वारा प्रकरण की नोटशीट तैयार कर एसडीएम देपालपुर को अग्रेषित कर दी गई है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा या वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?

सरकार से सीधे सवाल

जब लोक सेवा केंद्र का समय सुबह 10 से शाम 5:30 बजे तय है, तो 12:30 बजे तक केंद्र कैसे बंद रहा? चार कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर तत्काल निलंबन या सेवा समाप्ति क्यों नहीं? ठेकेदार के खिलाफ अनुबंध शर्तों के तहत कार्रवाई कब होगी? आम नागरिकों का समय, पैसा और विश्वास बर्बाद होने की जवाबदेही कौन लेगा? लोक सेवा केंद्र सरकार की योजनाओं का चेहरा होते हैं। यदि यहीं व्यवस्था चरमराई हुई है, तो ग्रामीणों को न्याय और सेवा की उम्मीद किससे की जाए? अब देखना यह है कि शासन इस खुली लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

Tags :

अजय जैन

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन