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कलेक्टर साहब, इधर भी ज़रा ध्यान दीजिए… : लाबरिया में जल निगम ठेकेदार द्वारा जल-कर वसूली पर विवाद तेज!

धार (जितेंद्र चौहान)।
सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल–जल योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करना है, लेकिन विकासखंड सरदारपुर की ग्राम पंचायत लाबरिया में यह योजना बदहाल होती दिख रही है। एक ओर जहां ग्रामीणों को 4–5 दिनों के अंतराल पर ही पानी मिलता है, वहीं दूसरी ओर जल निगम के ठेकेदार यशपाल शर्मा द्वारा जल-कर वसूली की शिकायतों ने ग्रामीणों में रोष पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त पानी वितरण नहीं होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा जल-कर वसूला जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार जल-कर वसूली का अधिकार पंचायत एवं स्वच्छता समिति के पास है, न कि किसी ठेकेदार के पास। ग्रामीणों ने कई बार 181 पर शिकायत भी दर्ज कराई, परंतु समस्या जस की तस बनी हुई है।


प्लांट फेल, टंकी खाली और ग्रामीणों की बढ़ती परेशानी

लाबरिया में नल–जल योजना के तहत स्थापित पानी सप्लाई प्लांट लंबे समय से पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि—

  • पानी 4–5 दिनों में एक बार आता है

  • फोन करने पर कर्मचारी कभी टंकी खाली होने का बहाना देते हैं

  • कई जगहों पर लीकेज की समस्या बनी हुई है

  • समय कम होने से घरों में पानी पर्याप्त नहीं पहुँच पाता

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि “पहले पानी व्यवस्था सुधारी जाए, उसके बाद ही जल-कर वसूली उचित है।”


क्या कहते हैं जिम्मेदार

“ठेकेदार को जल-कर वसूली का अधिकार नहीं है। मेरे संज्ञान में मामला आया है। हो सकता है वाटरमैन की मदद कर रहा हो, परंतु नियमतः वसूली पंचायत/स्वच्छता समिति करती है। मैं इसकी जांच करवाऊँगा।”
— भवानी सिंह भाटी, फील्ड इंजीनियर, जल निगम

“जब तक पर्याप्त पानी जनता तक नहीं पहुँचता, तब तक जल-कर वसूली नहीं की जा सकती। पानी व्यवस्था सुचारु होने के बाद ही पंचायत जल-कर वसूलेगी।”
— मैनाबाई रमेश ओसारी, सरपंच

“जनता को पानी की समस्या से लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं। लीकेज भी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में जल-कर वसूली गलत है। यह पंचायत का कार्य है, ठेकेदार का नहीं। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाएगी।”
— नारायण मारू भट्ट, उप-सरपंच

“4–5 दिनों में बिना निश्चित समय के पानी मिलता है। पर्याप्त पानी मिलना चाहिए, तभी जल-कर देना चाहिए।”
— लक्की टेलर, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष, लाबरिया

“पानी की व्यवस्था सही नहीं है, कनेक्शन भी सही नहीं बने हैं। ऐसे में जल-कर वसूलना अनुचित है।”
— मदन चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता, लाबरिया


ग्रामीणों का सवाल— जब पानी समय पर नहीं, तो जल-कर क्यों?

ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम के कुछ उच्च अधिकारी ठेकेदार को संरक्षण दे रहे हैं, जिसके चलते नियमों के विरुद्ध जाकर जल-कर वसूली की जा रही है।

अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर ठोस कार्रवाई करता है या फिर फाइलों में ही मामला दबकर रह जाता है?


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Jitendra Chauhan

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