संकुल प्राचार्य ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की : सांदीपनि विद्यालय में अनियमितताओं की शिकायत
Jivan doliya
Thu, Aug 20, 2026
देपालपुर। शासकीय उत्कृष्ट एवं मॉडल विद्यालयों के संकुल अंतर्गत संचालित सांदीपनि विद्यालय सहित संबद्ध संस्थाओं में प्रशासनिक व्यवस्थाओं, शासकीय सामग्री के वितरण तथा पदस्थापना एवं दायित्व निर्वहन से संबंधित कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में संकुल प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र सौंपकर विभिन्न मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। प्राचार्य द्वारा दिए गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में व्यवस्थाओं एवं अनुशासन में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच कुछ व्यक्तियों द्वारा विरोध की स्थिति निर्मित की जा रही है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व की व्यवस्थाओं से संबंधित मामलों की जांच एवं अभिलेखों की पड़ताल के कारण वर्तमान प्राचार्य पर दबाव बनाया जा रहा है। मामले में सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों का भी उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
वरिष्ठता और दायित्व से जुड़ा मामला भी उठाया
शिकायत में अमिता मुंदड़ा से संबंधित मामले का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, सांदीपनि विद्यालय के कुछ शिक्षकों द्वारा उनके कार्य एवं पद संबंधी शिकायतें जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी गई थीं। साथ ही वरिष्ठता के क्रम में प्रभारी दायित्व दिए जाने तथा वेतन संबंधी प्रक्रिया को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। प्राचार्य ने इन बिंदुओं की नियमों के अनुरूप जांच किए जाने की मांग की है।
पूर्व प्रभारी प्राचार्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल
पत्र में पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान प्रभारी प्राचार्यों के रूप में कार्यरत रहे अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा किए जाने का आग्रह किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जिन मामलों में प्रशासनिक अथवा वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, उनके अभिलेखों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। साथ ही वर्तमान व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों के दायित्व एवं कार्य निष्पादन की भी नियमानुसार समीक्षा की मांग की गई है।
फिजिक्स लैब में मिलीं 11 सरकारी साइकिलें
मामले में शासकीय साइकिल वितरण से जुड़ा बिंदु भी सामने आया है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023-24 की 11 साइकिलें फिजिक्स लैब के अंदर रखी मिलीं। पत्र में उल्लेख है कि इन साइकिलों का वितरण सोनू सेन, लैब-3 सदस्य तथा योगेंद्र गीते द्वारा किया जाना था। शिकायतकर्ता के अनुसार, इनके वितरण से संबंधित अभिलेख विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ऐसे में साइकिलों के वितरण, प्राप्ति एवं संबंधित रिकॉर्ड की जांच की आवश्यकता जताई गई है।
वोकेशनल शिक्षा के परिणाम पर भी आपत्ति
विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की गई है। पत्र में वोकेशनल शिक्षक वैभव सेन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शैक्षणिक परिणाम 28 प्रतिशत रहने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों को कार्ड वितरण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी की गई है। संबंधित अभिलेखों और परिणामों का परीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात कही गई है।
अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
संकुल प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराने का आग्रह किया है। शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, शासकीय सामग्री के वितरण, वित्तीय एवं अभिलेखीय प्रक्रियाओं तथा संबंधित कर्मचारियों के दायित्व निर्वहन की जांच कर वस्तुस्थिति सामने लाई जानी चाहिए। यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन अथवा अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
शिकायत पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग तथा जनपद अध्यक्ष को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे जाने का उल्लेख किया गया है। अब मामले में शिक्षा विभाग द्वारा जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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